
नाम रामनारायण बघेल पिता रामेश्वर बघेल ग्राम करही पोस्ट किकिरदा तहसील हसौद जिला सक्ती छत्तीसगढ़ इनके परिवार के भाई शशिकांत बघेल द्वारा जानकारी दी कि वह केरला में किसी निजी कंपनी में वो पहले से काम करते थे वहीं रामनारायण बघेल को काम कि तलाश थी क्योंकि परिवार में रामेश्वर बघेल की पत्नी ललिता बघेल मां श्यामाबाई बघेल दो बच्चे आकाश बघेल,
अनुज बघेल है इनको प्रधानमन्त्री आवास के एक लाख पचास हजार राशि मिली थी जो पर्याप्त नहीं थी दीवाल खड़ी हो गई थी पर छत नहीं पड़ा था जिसके लिए काम की तलाश में मुझसे बात कर 17 दिसंबर 2025 को अटटापलू केरल पहुंच गए उनके रहने खाने का शशिकांत बघेल द्वारा व्यवस्था की गई पर देखकर काम पसंद नहीं आया जिसके कारण अटटापलू से शाम को बात किया और पैसे न होने के कारण मेरे द्वारा 500 रूपये भेजा गया फिर आटो से वापस से 17 दिसंबर 2025 को वापस आ गए
18 दिसम्बर को को शशिकांत बघेल को पता चला कि कुछ आर एस एस के लोग रामनारायण बघेल के साथ बंग्लादेशी कह कर मार पीट की गई अत्यधिक मारपीट होने के कारण रामनारायण बघेल की मावलिचिगं में मौत हो गई जिसकी शिकायत अटटापलू थाने में दर्ज की गई और पल्लकड़ जिला न्यायालय में मामला विचाराधीन है पोस्ट माडम कर लाश को मर्चुरी में रखबा दिया गया
न्याय की मांग को लेकर शशिकांत बघेल द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया वहां के मंत्री के राजन द्वारा कलेक्टर अटटापलू के साथ बैठक कर कार्यवाही का आश्वासन दिया गया और लाश को घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार मावलिचिगं मुआवजा 30 लाख की घोषणा की गई जो पीड़ित परिवार के खाते में आ चुकी हैं वहीं अब अपराधियों की जमानत हो चुकी है
जिसके विरोध में शशिकांत बघेल द्वारा न्याय की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन किया गया वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए सहायता राशि देने की घोषणा की गई दो दो माह बीत जाने के बाद भी अब तक नहीं मिल सकी है जिसके लिए पीड़ित परिवार कलेक्टर सक्ती से कई बार मिल चुके हैं
शशिकांत बघेल द्वारा बताया गया की केरल में जहां पर भाषा की समस्या थी साथ ही वहां के सामाजिक कार्यकर्ता के अलावा और कोई मदद नहीं किया शशिकांत बघेल का कहना है कि इस लड़ाई को लेकर हाईकोर्ट केरला लेकर जाना है जिसके लिए वकील की आवश्यकता होगी जिसमें लिए सामाजिक कार्यकर्ताओ से सहयोग की मांग की है आज अध्धयन भ्रमण में डा अभय पाण्डेय एवं राजेश त्रिपाठी जन चेतना रायगढ़ शामिल रहे हैं



